प्रमुख बायोम




प्रमुख बायोम -
  • किसी भी विशेष जलीय या स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र , जिसमे विशेष प्रकार के पेड़-पौधे व जीव जन्तु पाये जाते है, उसे बायोम कहते है I
  • बायोम मे आय जाने वाली विशेष वनस्पति के आधार पर उसका नाम दिया जाता है I
  • सभी बायोम अलग - अलग तरह के होते है I उसकी भू-परीस्थिति व जलवायु उसकी सीमाओ का निर्धारण करते है I
  • मनुष्य अपनी सभी एक्टिविटी जैसे - भोजन, मनोरंजन, औषधि , ईंधन, आवास, संसाधनो के लिए बायोम पर ही निर्भर करते है I
  • बायोम मे एक से अधिक परिस्थितिकी तंत्र पाये जाते है I
  • किसी भी बायोम मे जैविक व अजैविक तत्व पाये जाते है I
  • बायोम को निम्न प्रमुख वर्गो मे विभाजित किया जाता है :- 1) स्थलीय बायोम - वन, घास, भूमि तथा मरुस्थल  2) जलीय बायोम - ताजा जल, समुद्री जल

  1.   स्थलीय बायोम:-
  2. a)  उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षा वन बायोम
  3. b)  मानसूनी पतझड़ वन बायोम
  4. c)  उष्णकटिबंधीय सवाना घास के मैदान
  5. d)  सबट्रोपिकल पतझड़ बायोम
  6. e)  शीतोषण कटिबंधीय वर्षा बायोम
  7. f)  भूमध्य सागरीय बायोम
  8. g)  शीतोषण कटिबंधीय घास के मैदान बायोम
  9. h)  टैगा अथवा बोरियल बायोम
  10. i)  मरुस्थलीय बायोम
  11. j)  टुंड्रा तथा अल्पाइन टुंड्रा बायोम

1)  उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षा वन बायोम
  • सदाबहार वर्षावन बायोम जीवन की उत्पत्ति तथा विकास के लिए अनुकूलतम दशायें प्रदान करता है, क्योंकि इसमें वर्ष भर उच्च वर्षा तथा तापमान बना रहता है।
  • इसी कारण इसे अनुकूलतम बायोम कहते हैं, जिसका जीवभार सर्वाधिक होता है।
  • विषुवत रेखीय वनो का सबसे बड़ा भाग अमेज़न बेसिन मे पाया जाता है, जिसे सेलवास कहते है I
  • विषुवत रेखीय घने- सदाबहार जंगल कांगो नदी के बेसिन, मेडागास्कर, इंडोनेशिया, मलेशिया, न्यूगिनी, अंडेमान  निकोबार मे पाये जाते है I
  • इस बायोम का विस्तार सामान्यतः 10° उत्तर तथा 10° दक्षिण अक्षांशों के मध्य पाया जाता है।
  • इसका सर्वाधिक विकास तथा विस्तार अमेजन बेसिन, कांगो बेसिन, तथा इण्डोनेशियाई क्षेत्रों ख़ासकर बोर्नियो तथा सुमात्रा आदि में हुआ है।
  • इसमे चौड़ी पत्ती वाले वृक्ष पाये जाते है I
  • वृक्षो की तीन लेयर बनी होती है I
  • अधिक वर्षा के कारण व अधिक तापमान के कारण लकड़ी कठोर हो जाती हैI
  • कठोर लकड़ी के वृक्षो मे आबनूस(ebony) , महोगनी (Mahogany), आयरन - वूड ( iron-wood ), रबर ( rubber) व सिनकोना ( Cinchona) शामिल है I
  • इन वृक्षो पर बेले (lianas ) व अधिपादप (epiphytes) लिपटे रहते है I
  • वायु न होने के कारण परागण( pollination) कीड़े - मकोड़ो व स्वत: परागण (self pollination) होता है I
2) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन
  • उष्णकटिबंधीय वन भूमध्य रेखीय प्रदेश पाहुचने से पूर्व पाये जाते है I
  • य वन दक्षिणी पूर्व एशिया, मध्य और दक्षिणी अमेरिका, उत्तरी ऑस्ट्रेलिया, पश्चिमी अफ्रिका व प्रशांतीय क्षेत्रो मे पाये जाते है I
  • इस क्षेत्र मे बहुत ज्यादा नमी व शुष्कता का मौसम रहता है I
  • यहा औसत वर्षा 100-200 से. मी. तक होती है I
  • वृक्षो की औसत ऊंचाई 15-30 मी. होती है I
  • ब्राज़ील के बहाई क्षेत्र मे इन्हे काटिंग, पराग्वे तथा अर्जेन्टीना मे चाको, ऑस्ट्रेलिया मे बिरगोला तथा दक्षिण अफ्रीका मे डाउन वेल्ड के नाम से जाना जाता है I
  • यहा भूरे रंग की मृदा पायी जाती है जो पोशाक तत्वो से भरपूर है I
  • प्रमुख क्षेत्र – म्यांमार, थायलैंड, मलेशिया, इन्डोनेशिया, वियतनाम, लाओस, कंबोडिया, फिलीपींस, अंगोला, ज़ाम्बिया, जिम्बाबे, तंजानिया, मध्य अमेरिका, ब्राज़ील, गुयाना तथा वेनिजुएला I
  • मुख्य वृक्ष :- साल, सागौन, शीशम, महुआ, सेंथल, खैर, पीपल, सिरस, बरगद आदि I
3) उष्णकटिबंधीय सवाना घास के मैदान:-
  • ये घास के मैदान विषुवतीय रेखीय आर्द्र जलवायु तथा उष्ण गर्म मरुस्थलो के मध्य परदेशो मे पाये जाते है I
  • विशेष प्रकार के घासस्थल अक्सर उष्णकटिबंधीय वर्षा वनो के किनारे पर पाये जाते है I
  • जलवायु गरम होती है व वर्षा 100-150 से. मी. तक होती है I
  • मौसम शुष्क रहता है, शुष्कता की अवधि लंबी होती है I
  • वृक्ष इधर उधर होने से ऊपर की तरफ कनोपी नही बनाते है I
  • पहले पृथ्वी के 40% भाग पर सवाना घास के मैदान थे I
  • इस बायोम मे हाथी घास की लंबाई 5 मी. तक होती है I
  • इस मैदान की मिट्टी मे ह्यूमस की मात्र अधिक होती है I
  • सबसे बड़ा सवाना अफ्रीका महाद्वीप मे पाया जाता है I
  • प्रमुख क्षेत्र:- अफ्रीका मे सुडान, सोमालिया, इथोपिया, कीनिया आदि मे इस घास के विस्तृत मैदान है I
  • कीनिया का सिरंगाती मैदान भी इसी बायोम मे स्थित है I
  • सवाना घास के मैदान को वेनेजुयेला (Campo-cerado), द. ब्राज़ील मे पेंटानल के नाम से जाना जाता है I
  • मुख्य पशु :- चीता, कुरंग, हिरण, जेबरा, जंगली भैसा, गैंडा, हाथी, शेर आदि I
  • रमुख पेड़:- सुडान के बाओबाब, ऑस्ट्रेलिया के युकलिपटस, केलोफिला तथा ताड़ आदि I
  • ज्वार, बाजरा, मक्का, दलहन, तिलहन, मूँगफली, आदि की कृषि के लिए कृषि की भूमि उपयोग की जाती है I
4) सबट्रोपिकल पतझड़ वन:-
  • इसमे सदाबहार तथा पतझड़ वाले वृक्षो का मिश्रण है I
  • ऊंचाई की तरफ जाते हुए कोनधारी वृक्षो का मिश्रण भी पाया जाता है I
  • यह क्षेत्र उत्तरी अमेरिका की ग्रेट लेक्स, चीन के उत्तरी-पूर्वी भाग, उत्तरी तथा दक्षिणी कोरिया तथा जापान के दक्षिणी द्वीपो पर फैला हुआ है I
  • मुख्य वृक्ष:- रेड-पाइन, सदाबहार हेमलोक, ओक, बीच, हिकोरी, चिनार, एल्म, तथा चेस्नट आदि I
4) भूमध्य सागरीय बायोम:- 
  • ये बायोम भूमध्य सागर के निकटवर्ती भागो मे फैला हुआ है I
  • इसी तरह का बायोम कैलिफोर्निया, मध्य चिली, द. अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी-पूर्वी भाग तथा तस्मानिया मे पाया जाता है I
  • यहा का मौसम गर्म रहता है I
  • अधिकतर वर्षा शीतकाल मे शीतकटिबंधीय चक्रवातों से होती है I
  • इसमे विशेष प्रकार के वृक्ष व झड़िया पाये जाते है जिनकी पत्तिया छोटी, मोटी व चिकनी (चपारल, मार्क्यूस आदि) होती है I
  • भूमध सागरीय क्षेत्रो मे व्यापारिक खेती की जाती है I
  • यहा खट्टे फल, अंगूर, सेब, संतरे, नींबू आदि प्रकार की फल व सब्जिय उगाई जाती है I
5) मरुस्थलीय बायोम:-
  • संसार के लगभग एक-तिहाई भाग पर मरुस्थल फैले हुए है I
  • यहा का मौसम शुष्क व गर्म रहता है I
  • इसलिय यहा मरुदभिदिय वनस्पति ही उगती है I
  • अधिक गर्मी व कम वर्षा के कारण यहा के अंकुरित हुए पौधो का जीवन कल एक दो दिन का ही होता है I
  • इस बायोम मे नागफनी व बाबुल आदि ही पाये जाते है I
  • विश्व के मरुस्थलो को दो भागो मे बता जा सकता है :- a) उष्ण मरुस्थल b) ठंडे मरुस्थल
  • उष्ण मरुस्थल :- ये मरुस्थल प्राय: उष्ण कटिबंध के पश्चिमी भागो मे पाये जाते है I
  • वर्षा के अभव के कारण ये बहुत ही शुष्क होते है I
  • यहा वर्षा 20 से. मी. से कम ही होती है I
  • विश्व का सबसे शुष्क मरुस्थल आटाकामा, चिली (द. अमेरिका)मे है I
  • प्रमुख क्षेत्र- सहारा, अरिजोना, आटाकामा, नामीबिया तथा ग्रेट विक्टोरियल मरुस्थल (ऑस्ट्रेलिया) है I
  • मुख्य वनस्पति – कैक्टस, क्रिओसोट झाड़ी, फेक्ट्रोकैक्टस तथा बबूल है I
  • ठंडे मरुस्थल:- ठंडे मरुस्थल प्राय: शीतोष्ण कटिबंधीय एवं ऊंचे पठारो पर पाये जाते है I
  • यहा का अधितम तापमान 30 -40 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10-15 डिग्री तक होता है I
  • इंडीज पर्वत के पूर्व मे पेटागोनिया का मरुस्थल इसका उदाहरण है I
  • मंगोलिया का गोबी मरुस्थल, तुर्कमानिस्तान एवं कजाकिस्तान के कजलकुम व कराकुम, चीन का टकला-मकान व जुंगरियन मरुस्थल, भारत मे लद्दाख इसके अच्छे उदाहरण है I
  • भारत के ठंडे मरुस्थल – लद्दाख, लाहोल स्पीति (हिमाचल प्रदेश), उत्तरकाशी (उत्तराखंड), व सिक्किम मे हिमालय के अनुवत दिशा के क्षेत्र I
  • मुख्य वृक्ष – ओक, चीड़, भोज, रोड़ोड़ेन्डरान व झड़िया I
  • प्रमुख जानवर – याक, भेड़े, मृग, लघुकाय गाय I
6) शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान -
  •  शीतोष्ण कटिबंधीय/ मध्य अक्षांशीय घास के मैदान यूरोप, एशिया, उतरी तथा दक्षिणी अमेरिका, द. अफ्रीका तथा द. ऑस्ट्रेलिया मे पाये जाते है I
  • इन मैदानो को उतरी अमेरिका मे प्रेयरीज, यूरेशिया मे स्टेपी, द. अमेरिका के अर्जेन्टीना व उरुग्वे मे पंपास, द. अफ्रीका मे वेल्ड तथा औस्ट्रालिया मे डाउन के नाम से जाना जाता है I
7) टैगा अथवा बोरियल बायोम :-
  • टैगा बायोम को कोनधारी वनो का बायोम व बोरियल बायोम भी कहते है I
  • ये बायोम उतरी अमेरिका मे अलास्का से लेकर कनाडा के पूर्वी भाग तक फैला हुआ है I
  • इसके अलावा हिमालय, एंडीज़, राकी, अलप्स, की ढलानों पर भी पाये जाते है I
  • मुख्य वृक्ष- स्प्रूस तथा फर पाये जाते है I
  • इनकी लकड़ी मुलायम होने के कारण इससे फर्नीचर, कागज तथा लुगदी बनाया जाता है I
8) शीतोष्ण कटिबंधीय वर्षा वन :-
  • ये उतरी अमेरिका के प्रशांत महासागरीय तट पर पाया जाता है I
  • संयुक्त राज्य अमेरिका के ओरिगोन तथा वाशिंगटन मे यह वनस्पति पायी जाती है I
  • मुख्य वृक्ष – रेड वूड, डगलस फर, स्प्रूस, देवदार तथा हेमलोक I
9) टुंड्रा तथा अल्पाइन टुंड्रा:-
  • बहुत अधिक सर्दी होने के कारण ज्यादा बड़े पेड़ नही उगते केवल छोटी घास ही उगती है I
  • इस बायोम मे प्रकृतिक वनस्पति का अभाव है I
  • मुख्य क्षेत्र – अमेरिका के अलास्का, कनाडा, ग्रीनलैंड, आर्कटिक द्वीप समूह I
  • प्रमुख वनस्पति – लाइकन, सेज, काई आदि I
  • मुख्य जानवर- रेंडयर, करीबू, सफ़ेद भालू, सफ़ेद लोमड़ी, सफ़ेद भेड़ीय छछूंदर I
  • पक्षी- बतख, जलमुरगी, हंस I